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कब निकलेगा नीट 2019 का एप्लीकेशन फॉर्म?

इस साल से नैशनल टेस्टिंग एजेन्सी (एनटीए) नीट की परीक्षा का आयोजन करेगी। इस परीक्षा के बारे में बोर्ड जल्द ही अपने आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिफिकेशन जारी करेगा. अगर एम्स और जीपमर को छोड़ दे, तो  नीट या नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट अब पूर्व में होने वाली मेडिकल की तमाम परीक्षाओं जैसे की एआइपीएमटी और प्राइवेट एवं विभिन्न राज्यों के द्वारा करवायी जाने वाली मेडिकल की परीक्षाओं की जगह ले चुका है. नीट 2019 का  पैटर्न पहले के समान ही होगा. इसलिए नीट को लेकर छात्रों को चिंता करने की जरुरत नहीं है.

क्लास 12 बिहार बोर्ड परीक्षा का नया पैटर्न

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ( बीएसईबी) ने एक बार फिर से क्लास 12 बोर्ड परीक्षा के पैटर्न में बदलाव करने का निर्णय किया है. वर्ष 2017 में 12.6 लाख छात्र परीक्षा में बैठे थे लेकिन उसमें से करीब 7.19 लाख छात्र फेल हो गए थे. फेल होने वाले छात्रों की संख्या करीब 64 प्रतिशत थी. इसी वजह से बीएसईबी ने प्रश्न पत्र के पैटर्न में बदलाव करने का निर्णय किया. इस लेख में हम क्लास 12 बिहार बोर्ड परीक्षा के नए पैटर्न पर चर्चा करेंगे .

नीट के फायदे और नुकसान

अब देश के हर मेडिकल और डेंटल कॉलेज में नीट के द्वारा ही नामांकन होगा. वर्ष 2017 से इसे पूरी तरह से देशभर में लागू कर दिया गया है. कोई भी राज्य अब राज्य स्तर पर मेडिकल की परीक्षा का आयोजन नहीं कर सकता. राज्यों के मेडिकल कॉलेजों में भी अब नीट के द्वारा ही नामांकन होगा. संक्षेप में कहें तो देश के हर सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला अब नीट में प्रदर्शन के आधार पर ही मिलेगा. आगे हम नीट के फायदे और नुकसान के बारे में चर्चा करेंगे.

क्या है कक्षा 12 बिहार बोर्ड परीक्षा का पैटर्न?

बिहार में इंटरमीडिएट या बारहवीं कक्षा की परीक्षा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) द्वारा करवाई जाती है. वर्ष 2015 में बीएसईबी ने साइंस व कॉमर्स के इंटरमीडिएट परीक्षा में बदलाव किये थे. आर्ट्स में कोई बदलाव नहीं किया गया था. इस बदलाव के बाद, साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम में ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की संख्या 40 प्रतिशत कर दी गयी थी. मौजूदा समय में, प्रश्न पत्र इसी पैटर्न पर आधारित होते हैं. क्या है कक्षा 12 बिहार बोर्ड परीक्षा का पैटर्न? आगे हम इसी विषय पर चर्चा करेंगे. ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की संख्या कितनी होती है? साइंस और कॉमर्स के अलग-अलग विषयों में ऑब्जेक्टिव (वस्तुनिष्ठ) प्रश्नों की संख्या अलग-अलग होती है. फिजिक्स, बायोलॉजी और केमिस्ट्री में थ्योरी पेपर 70 अंकों का होता है. 70 में से 28 अंकों के ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाते हैं. हर ऑब्जेक्टिव प्रश्न एक अंक का होता है. मैथ्स (गणित), एकाउंटेंसी आदि जैसे विषयों, जिनमें थ्योरी पेपर 100 अंक का होता है, 40 प्रश्न ऑब्जेक्टिव प्रकार के होते हैं. नीचे दिए गए टेबल में यह दर्शाया गया है कि किस विषय में कितने ऑब्जेक्टिव प्रश्न ...

झारखण्ड में मौजूद एमबीबीएस और बीडीएस की सीटें

इस समय झारखण्ड में केवल तीन मेडिकल कॉलेज हैं – रिम्स (रांची), एमजीएम (जमशेदपुर) और पीएमसीएच (धनबाद). तीनों मेडिकल कॉलेज राज्य सरकार द्वारा संचालित की जाती है. रिम्स में एमबीबीएस की १५० (डेढ़ सौ) सीटें हैं, जबकि एमजीएम में मेडिकल की १०० (एक सौ) सीटें हैं. इस वर्ष से एमसीआई ने पीएमसीएच (धनबाद) में एमबीबीएस की १०० से घटाकर केवल ५० (पचास) सीटें कर दी है.

कैसी होगी नीट 2017 की काउन्सलिंग प्रक्रिया?

सीबीएसई जून के पहले हफ्ते में नीट २०१७ का परिणाम घोषित कर सकता है. नीट के परिणाम घोषित होने के बाद, काउन्सलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी एवं इसके जरिये देश के विभिन्न मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स के लिए नामांकन होगा. नीट में आये अंक के आधार पर सीबीएसई मेरिट लिस्ट जारी करेगा. इसी मेरिट लिस्ट के आधार पर नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. कैसी होगी नीट २०१७ की काउन्सलिंग प्रक्रिया? आइये इस प्रक्रिया के बारे में थोड़ी विस्तार से चर्चा करते हैं. 

कितना होगा नीट 2017 का कट-ऑफ मार्क्स?

सीबीएसई ने  मई को देश भर में सफलतापूर्वक नीट 2017 की परीक्षा करवायी. परीक्षा देने के बाद, छात्रों का ध्यान अब नीट २०१७ के कट-ऑफ मार्क्स पर है. कितना होगा नीट 2017 का कट-ऑफ मार्क्स? इसके बारे में हम नीचे चर्चा करेंगे.

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